Home > OBI > Living Waters > बुकिया गोजी – पानी का चमत्कार

बुकिया गोजी अपना हर दिन उस छोटी नदी तक चलने से जो उनके गाँव के बाहरी इलाके में स्थित है, शुरू करती है। वह दो पात्र उठा कर ले जाती है कि घर के लिए पीने का पानी भर कर ला सके। उसके परिवार में उसके पति सामलू जो 55 साल के हैं उनका बेटा सुरेश जो 18 साल का है और उसकी बेटी जो 14 साल की है शामिल हैं। उसे पानी भरने जाना पड़ता है और समय से वापस आकर खाना पकाना पड़ता है। फिर वह घर के अन्य काम करने के बाद अपने काम पर चली जाती है। वे आँध्र प्रदेश के खम्मम ज़िले के एक दूर अन्देश गाँव के. कोण्डरामावरम में कहते हैं। उनको बहुत दूर चल कर जाना पड़ता है क्योंकि वह नदीं सड़क के दूसरी ओर बहती है। इस लिए पानी भर कर लाना बहुत ही मेहनत और लम्बे समय का काम था। और यह उसकी प्रति दिन की दिनचर्या थी।

Bukya-Goji-LWजब शामलू, बुकिया और सुरेश काम पर जाना होता है और सुनीता को अपने स्कूल जाना होता है तब उनके सवेरे के सभी कामों को जल्दी-जल्दी करना पड़ता है। जिससे अपने अपने काम पर समय पर पहुँच सकें। बहुत सी बातों की चुनौतियों के साथ-साथ उनकी कितनी दैनिक लड़ाईयाँ भी होती थीं। और उनका पूरा रिश्ता पानी की कमी से जुड़ा था। वह कमी जो जीवन को असंख्य रूप से प्रभावित करता है। बुरे स्वास्थ्य से लेकर खेती का नष्ट हो जाना तथा बेकारी की समस्या पैदा कर देना। यो गाँव वाले केवल खेती पर ही निर्भर करते हैं। जब खेती सही नहीं होती है और फसल ठीक से पैदा नहीं होती है। और जब लोगों के पास कोई नौकरी नहीं रहती है तब वे गाँव को छोड़ कर पास के शहर में काम की खोज में निकल जाते हैं।

कई बार बुकिया और सुनीता देर शाम को भी नदी से पानी भरने जाते हैं। अकसर महिलाएँ ही होती है जो इस बोझ को उठाती हैं। ये ही हैं जो पानी भर कर लाती हैं, खाना पकाती हैं, और घर के सारे काम भी करती हैं। इसके साथ-साथ वे मज़दूरी करके पैसा भी कमा लेती हैं उस समय भी जब घर के पुरूष पास के शहर में काम करने जाते हैं। उनका सब से बड़ा संघर्ष था घर के लिए पानी भर कर लाना। नदी के किनारे गढ़े बना कर जो साफ पानी Bukya-Goji-LW1उस मे इकट्ठा होता है उसे छोटे बरतन से इक्ट्ठा करके पीने के लिए भर कर लाना। ऐसा करने में काफी समय लग जाता है किन्तु साफ लगने पर भी वह पानी दूषित ही होता है। उसमें अनेक अशुद्धियाँ पाई जाती हैं। सबसे बुरी बात यह है कि गर्मियों में यह नदी भी सूख जाती है और पानी का स्तर बहुत ही नीचे पहुँच जाता है।

ऑपरेशन ब्लेसिंग इन्डिया के लिविंग वॉटर्स दल उनके गाँव में पानी की कमी का निरीक्षण करने आए थे। उनको इसके विषय में एक समाज सेवक द्वारा पता चला था। तब के. कोण्डारामावरम के निवासियों ने अपने गाँव में एक चमत्कार देखा था। जब ओ.बी.आई. के लिविंग वॉटर्स दल ने उनके गाँव में एक बोरवेल स्थापित किया था। यह देख कर गाँव में आनन्द और खुशियों से झूम उठा था। बुकिया को इतनी शांति मिली थी  क्योंकि अब उसे बहुत दूर तक चल कर पी भरने नहीं जाना पड़ा था। और अब इतनी दूर जाकर पीने का पानी नहीं भरना पड़ेगा। उनका परिवार ओ.बी.आई का आभारी है और सारा गाँव उनके साथ ओ.बी.आई. का धन्यवाद करता है उस चमत्कार के लिए जिसने उन्हें एक आनन्दमय और बेहतर स्वास्थ्य जीवन का आश्वासन दिया है।

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